लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने गुरुवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर 10415 किलो मसाले और खोया सीज किया। इसकी अनुमानित कीमत 55.91 लाख रुपए है। वहीं 1 क्विंटल 12 किलो एक्सपायर्ड मिठाई मौके पर ही नष्ट कराई। कुल 15 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
फैजुल्लागंज स्थित हल्दीराम स्टोरेज में छापेमारी के दौरान करीब 1 क्विंटल 12 किलो एक्सपायर्ड सोनपापड़ी और राजभोग बरामद हुए। इसका अनुमानित मूल्य लगभग 45 हजार रुपए बताया गया है। टीम ने पूरे स्टॉक को मौके पर ही नष्ट करवा दिया है। वहीं असॉर्टेड पेड़ा, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पेठा और गुजिया के नमूने भी लिए गए।
स्वरूप कोल्ड स्टोरेज, ऐशबाग में कार्रवाई के दौरान 8499 किलो काली मिर्च और 378 किलो खोया सीज किया गया। कुल मिलाकर 10,415 किलो खाद्य पदार्थ, जिनकी अनुमानित कीमत 55.91 लाख रुपए है, को जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा सौंफ और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।
महानगर स्थित ग्लोब कैफे से पनीर और गुझिया के नमूने संग्रहित किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी नमूनों को विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान 112 किलोग्राम खाद्य पदार्थ, जिसकी अनुमानित कीमत 45 हजार रुपए है, को मौके पर नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ टीम ने 26 फरवरी को सीतापुर रोड स्थित मड़ियांव क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को खुले में बिकने वाले चटक रंगीन पापड़ और कचरी के सेवन से बचने की सलाह दी।
अधिकारियों ने बताया कि इन उत्पादों में अक्सर प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का उपयोग किया जाता है, जो पेट की गंभीर बीमारियों, पाचन तंत्र की गड़बड़ी, बच्चों में एलर्जी और लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं

छापेमारी के दौरान टीम को स्टॉक में रखी एक्सपायर्ड सोनपापड़ी और राजभोग की बड़ी खेप मिली। अधिकारियों के अनुसार इनकी कुल मात्रा करीब 1 क्विंटल 12 किलो थी, जिसकी बाजार कीमत लगभग 45 हजार रुपए आंकी गई है।
टीम ने पूरा स्टॉक मौके पर ही नष्ट करवा दिया। साथ ही असॉर्टेड पेड़ा, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पेठा और गुजिया के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
112 किलो खाद्य पदार्थ मौके पर नष्ट अभियान के दौरान कुल 112 किलोग्राम खाद्य पदार्थ को मौके पर नष्ट कराया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 45 हजार रुपए बताई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ का जागरूकता अभियान खाद्य सुरक्षा विभाग की ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ टीम ने 26 फरवरी को सीतापुर रोड स्थित मड़ियांव क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान चलाया।
इस दौरान लोगों को खुले में बिकने वाले चटक रंगीन पापड़ और कचरी जैसे उत्पादों से बचने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इन उत्पादों में अक्सर प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है।


