जब वंदे मातरम् के 50 वर्ष पूरे हुए, तब भारत ब्रिटिश राज के अधीन था,जब वंदे मातरम के 100 वर्ष पूरे हुए, तब भारत इमरजेंसी की गिरफ्त में था,उस समय देशभक्तों को जेल में डाल दिया गया था यहां कोई पक्ष-प्रतिपक्ष नहीं है जिस वंदे मातरम् के कारण हमारे लोग आज़ादी का आंदोलन चला रहे थे उसी का परिणाम है कि आज हम सब यहां बैठे हैं








