सहारा इंडिया कमर्शल कॉरपोरेशन लिमिटेड (SICCL) ने महाराष्ट्र में एम्बी वैली और लखनऊ में सहारा शहर समेत विभिन्न संपत्तियों को अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को बेचने की अनुमति के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है. याचिका पर 14 अक्टूबर को सुनवाई हो सकती है. इसे लखनऊ नगर निगम और अन्य सरकारी संस्थाओं द्वारा सहारा की सम्पत्तियों का स्वामित्व हासिल करने से बचने की रणनीति माना जा रहा है.
अधिवक्ता गौतम अवस्थी के माध्यम से दायर याचिका में सहारा समूह से संबंधित विभिन्न संपत्तियों को अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को छह सितंबर 2025 की ‘टर्म शीट’ में निर्धारित नियमों एवं शर्तों पर बेचने के लिए अनुमति मांगी गई है. सहारा समूह से संबंधित लंबित मामलों में दायर अंतरिम आवेदन में कहा गया है कि इस न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित विभिन्न आदेशों के अनुसरण में तथा विभिन्न आदेशों के माध्यम से इस न्यायालय की अनुमति प्राप्त करने के बाद, एसआईसीसीएल और सहारा समूह बड़ी कठिनाई से अपनी कुछ चल एवं अचल संपत्तियों को बेचने में सक्षम हुए हैं. इससे हासिल राशि सेबी-सहारा ‘रिफंड’ खाते में जमा करवा दी गई है









