लखनऊ 3 मार्च ज्योति कलश एवभ संस्कृत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में संस्कृत गीतों की 15 दिवसीय कार्यशाला का द 16 फरवरी से 2 मार्च तक गोमतीनगर के आमोद आश्रम मे संपन्न हुई। जिसके समापन के लिए सभी प्रतिभागी “कैफी आजमी ” प्रेक्षागृह मे एकत्र हुए। 24 प्रतिभागियों ने आकाशवाणी दूरदर्शन की प्रतिष्ठित लोक गायिका आशा श्रीवास्तव के निर्देशन मे संस्कृत गीतो का प्रशिक्षण प्राप्त किया। सरस्वती वंदना , जगदम्बा वंदना, शिव वंदना , पुत्री जनम सोहर , बनना , होली गीतो जैसे विभिन्न गीतो को सभी प्रतिभागियो नेसंस्कृत मे याद करके गाया।कार्यक्रम अध्यक्ष उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री जगदानंद झा, मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अभिमन्यु सिंह ,अति विशिष्ट अतिथि सूचना विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक एवं लखनऊ की उत्कृष्ट त्रैमासिक पत्रिका कला वसुधा के प्रधान संपादक श्री अशोक बनर्जी तथा विशिष्ट अतिथि ऑल इंडिया रेडियो लखनऊ की पूर्व उपनिदेशक श्रीमती रश्मि चौधरी ने प्रतिभागियो को प्रमाण पत्र प्रदान किये।संस्था की अध्यक्ष प्रो डॉ उषा सिन्हा जी ने बताया संस्कृत भाषा के प्रचार एवं प्रसार हेतु भजन और संस्कार गीतो को संस्कृत माध्यम से जनसाधारण में प्रस्तुत कर लोगों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि जगाने हेतु यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है ।उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के द्वारा देवभाषा संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए विभिन्न संस्कृत भाषा के आयोजन प्रायोजित किये जाते है जिसकी एक गायन प्रस्तुतीकरण सबने आज देखी ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत संस्कृत के गीतों की प्रस्तुति की गई । डॉ लक्ष्मी रस्तोगी, ज्योति किरण रतन, शक्ति श्रीवास्तव कल्पना सक्सेना जया श्रीवास्तव, रमा अग्निहोत्री, गीता सिंह ,सुषमा अग्रवाल,, शिखा श्रीवास्तव, मनु राय ,सरिता श्रीवास्तव, कल्पना सक्सेना बीना सवसेना, विनीता श्रीवास्तव, प्रीति श्रीवास्तव, अलका चतुर्वेदी ,सुमन मिश्रा , अर्चना गुप्ता, अपर्णा सिंह, सुषमा, अनेक कलाकार एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।


