SHO अजय शर्मा के पास ऐसी “मशीन” है जो इंसान की नागरिकता बता देती है। मोबाइल पीठ पर लगाया और दावा किया — मशीन बता रही है कि ये बांग्लादेशी है। जबकि सामने वाले खुद को बिहार के अररिया जिले का निवासी बताते रहे।
अब चुनाव आयोग को चाहिए कि SIR फॉर्म भरवाने की झंझट छोड़कर सबको ऐसी ही “मशीनें” थमा दे। पल भर में तय हो जाएगा कौन नागरिक है और कौन घुसपैठिया।








