एकात्म मानववाद व अंत्योदय के महान प्रणेता, प्रखर राष्ट्रवादी व उत्कृष्ट संगठनकर्ता पं० दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, भाजपा वरिष्ठ नेता डॉक्टर नीरज सिंह और महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित वरिष्ठ नेताओं ने चारबाग स्थित दीनदयाल स्मृतिका वाटिका में प्रतिमा पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंडित जी के अंत्योदय के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि एकात्म मानववाद का जो सपना पंडित दीनदयाल जी ने देखा था वह प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूरा किया जा रहा है। हर गरीब के जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने और उनको समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए अनेकों योजनाएं लागू है। 25 करोड़ प्रदेश वासियों की ओर से मैं पंडित जी के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं और अपील करता हूं कि पंडित जी के एकात्म मानववाद के सिद्धांत को समझ कर धरातल पर उतारने के लिए भारतीय जनता पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करें।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज पार्टी सबका साथ सबका विकास के आधार पर कार्य कर रही है । उनके विचारों के आधार पर देश के विकास के लिए और भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ हम पंडित जी के दिखाए मार्ग पर चल रहे हैं। हमारी सरकारों ने पंडित जी के विचारों से प्रेरित होकर आम आदमी और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को केंद्र मानकर के उनके उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में पंडित जी के अंत्योदय के
सपने को पूरा करने के लिए देश तेजी से आगे बढ़ रहा हैं।
नीरज सिंह ने कहा कि दीनदयाल जी के विचार हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।हम संकल्प लेते हैं कि महामानव के राष्ट्र सेवा और समर्पण के आदर्शों और सिद्धांतों का अनुसरण करेंगे।
मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने बताया कि इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, सदस्य विधान परिषद डॉ महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया सहित पार्टी वरिष्ठ पदाधिकारीयों और कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किए।









