मुख्य बिंदु
• सतत पर्यवेक्षण एवं नियमित समीक्षा के परिणामस्वरूप जनशिकायतों के प्रकरणों में पूरे प्रदेश में उल्लेखनीय एवं अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है।
• पुलिस महानिदेशक ने निर्देशित किया कि एफआईआर से पूर्व की प्रभावी पुलिसिंग (Preventive Policing) अत्यंत आवश्यक है, जिससे विवादों एवं अपराधों को प्रारम्भिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
• जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को थानों एवं चौकियों पर पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग के महत्वपूर्ण मानकों में सम्मिलित किया जाए।
• ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है।
• पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग से अपराध-मुक्त समाज की दिशा में एक सुदृढ़ ब्लूप्रिंट तैयार होगा।
(पुलिस महानिदेशक, उ.प्र.)
आज दिनांक 10 मार्च 2026 को पुलिस मुख्यालय में श्री राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) के साथ ऑनलाइन माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य रूप से आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण, विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन, ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) अभियान, यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग तथा अन्य महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
अपराध गोष्ठी के मुख्य बिंदु
- जनसुनवाई से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश
• माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा इसकी नियमित मासिक समीक्षा की जा रही है।
• पुलिस महानिदेशक द्वारा जून 2025 से समीक्षा बैठकों में समस्त जनपदों को जनशिकायतों में 40 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य दिया गया था।
• समीक्षा में पाया गया कि योजनाबद्ध कार्यवाही एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के परिणामस्वरूप प्रदेश में इस दिशा में अत्यंत सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं और जनशिकायतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
मुख्य उपलब्धियाँ
(i) जनपद सम्भल, फिरोजाबाद एवं इटावा में जनशिकायतों में लगभग 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
(ii) 15 जनपदों (बदायूं, श्रावस्ती, गोरखपुर, अलीगढ़, मैनपुरी, कासगंज, उन्नाव, पीलीभीत, बुलन्दशहर, एटा, खीरी, अम्बेडकरनगर, बरेली, संतकबीरनगर एवं प्रतापगढ़) में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई।
(iii) 48 जनपदों में जनशिकायतों में 30 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई।
• पुलिस महानिदेशक ने इसे सुशासन (Good Governance) का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
• पुलिस महानिदेशक ने निर्देशित किया कि सम्भल, फिरोजाबाद एवं इटावा में अपनाए गए प्रभावी उपायों का विस्तृत प्रतिवेदन मुख्यालय को प्रेषित किया जाए, जिससे उन उपायों को अन्य जनपदों में भी लागू किया जा सके और जनसुनवाई प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
• उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर से पूर्व की पुलिसिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण को थानों/चौकियों पर पोस्टिंग के आधार के रूप में भी सम्मिलित किया जाए।
- विवेचना की गुणवत्ता एवं समयबद्ध निस्तारण
• प्रदेश में विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए पुलिस महानिदेशक द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। भारत सरकार के Centralized Ranking एवं NCL Dashboard में प्रदेश की वर्तमान रैंकिंग (3rd Rank) को सुधारते हुए प्रथम स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
• पुलिस महानिदेशक ने निर्देशित किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधान के अनुरूप सामान्य विवेचनाओं में 60 एवं गम्भीर अपराधों की विवेचनाओं का 90 दिवस में निस्तारण के लक्ष्य के अनुरूप विवेचनाओं की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा में आरोप पत्र दाखिल किए जाएं।
• इस संबंध में उच्चाधिकारी गण द्वारा नियमित अर्दली रूम/पर्यवेक्षण करते हुये विवेचनाओं की समीक्षा कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में निर्देश दिये गये।
- ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD)
• ZFD योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु व्यापक कार्यवाही की जा रही है तथा दुर्घटनाओं में 40 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
• समीक्षा के उद्देश्य से प्रत्येक जनपद/कमिश्नरेट तथा कमिश्नरेट जोन को एक पृथक इकाई मानते हुए कुल 88 इकाइयों की समीक्षा की गई।
• समीक्षा में पाया गया कि प्रदेश की 54 इकाइयों में निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई । जनपद श्रावस्ती में लगभग 83 प्रतिशत, कमिश्नरेट गाजियाबाद ग्रामीण जोन में 53 प्रतिशत एवं जनपद जालौन में 48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, जबकि 6 जनपदों में दुर्घटनाओं की संख्या पूर्व वर्षों के लगभग समान रही ।
- यक्ष ऐप
• वरिष्ठ अधिकारी स्वयं के निर्देशन में यक्ष ऐप में अधिक से अधिक डेटा फीडिंग सुनिश्चित कराएं।
• पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यक्ष ऐप का समुचित उपयोग अपराध-मुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा यह बीट पुलिसिंग का एक सुदृढ़ आधार स्तंभ सिद्ध होगा।
- एएनटीएफ (ANTF)
• एएनटीएफ द्वारा प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
• पुलिस महानिदेशक ने निर्देशित किया कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों की अपराध से अर्जित संपत्ति के जब्तीकरण हेतु NDPS Act की धारा 68E एवं 68F के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
• एएनटीएफ द्वारा तीन माह का विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जब्त मादक पदार्थों का नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा।
- ई-सम्मन एवं ई-साक्ष्य
• ई-सम्मन एवं ई-साक्ष्य से संबंधित प्रकरणों की पुलिस अधीक्षक स्तर पर व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
• पुलिस बल को व्यावसायिक रूप से दक्ष बनाते हुए अधिकाधिक वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्य संकलित करने पर विशेष बल दिया जाए।
बैठक के समापन पर पुलिस महानिदेशक ने निर्देशित किया कि समस्त अधिकारी उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप पूर्ण मनोयोग, निष्ठा एवं पेशेवर दक्षता के साथ कार्य करते हुए पुलिसिंग के सभी क्षेत्रों में उच्चस्तरीय प्रदर्शन सुनिश्चित करें। साथ ही जिन जनपदों में अपेक्षित सुधार परिलक्षित नहीं हुआ है, उन्हें कड़े निर्देश दिए गए कि निर्धारित कार्ययोजना को सख्ती से लागू करते हुए अपेक्षित परिणाम सुनिश्चित किए जाएँ ।


