जब भी अंधकार बढ़ा संसार में,
धर्म लौटा भगवा अवतार में !!
डॉ.आर वी सिंह सेंगर
सनातन धर्म प्रचारक..
सनातन धर्म न तो केवल एक धर्म है, न ही कोई संप्रदाय — यह एक जीवनशैली, एक शाश्वत सत्य है, जो अनादि और अनंत है। इसके सिद्धांतों में न केवल आध्यात्मिक ज्ञान छिपा है, बल्कि मानवता, प्रेम, करूणा, और धर्म का आधार भी छिपा है। सनातन धर्म पर सुविचार वेदों, उपनिषदों, गीता, और पुराणों के माध्यम से जीवन जीने की उच्चतम दिशा दी है।
सनातन धर्म वह दीपक है जो समय की आँधी में भी नहीं बुझता
जिसका कोई आदि नहीं, कोई अंत नहीं वही है सनातन धर्म
सनातन धर्म सिखाता है अपने भीतर ईश्वर को पहचानो, बाहर नहीं
धर्म केवल पूजा नहीं, यह जीवन का विज्ञान है यही है सनातन का सार।”
वेदों की गूंज, गीता का ज्ञान, और शिव की तान यही है सनातन पहचान जिस धर्म का उद्देश्य केवल आत्मा की मुक्ति है, वह सनातन है।”
सनातन धर्म कोई मत नहीं, यह शाश्वत सत्य की ओर यात्रा है।”
जहाँ करुणा है, वहीं धर्म है यही सनातन सिद्धांत है
शिव का तांडव और विष्णु की शांति दोनों एक ही सनातन का रूप हैं
जो धर्म सभी को अपनाए, किसी को ठुकराए नहीं वही सनातन है
सनातन धर्म पर सुविचार
सनातन धर्म केवल कर्मकांड नहीं यह आत्मबोध का मार्ग है।
आज जब दुनिया अंधकार में भटक रही है, तब सनातन धर्म की शिक्षाएँ मानवता के लिए एक प्रकाश स्तंभ हैं। इन सुविचारों के माध्यम से हम न केवल अपने जीवन को उन्नत बना सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं।
जब भी अंधकार बढ़ा संसार में,
धर्म लौटा भगवा अवतार में !!
डॉ.आर वी सिंह सेंगर
सनातन धर्म प्रचारक..








