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मत्स्य पालन के पट्टे की आंड़ में बांध रहे विनाशकारी बंधा

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मत्स्य पालन के पट्टे की आंड़ में बांध रहे विनाशकारी बंधा आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसीलदार के बाद जिला प्रशासन को दिया शिकायती पत्र पत्र में बंधा बनने से दर्जनों गांवों के बाढ़ में डूबने की जतायी गई आशंकाए डीएम ने एसडीएम को सौंपी मामले की जांच


सीतापुर
बिसवां विकास खण्ड की मरसण्डा ग्राम पंचायत में गांव के दक्षिणी छोर पर एक झील स्थित है। बरसात के समय इस झील में आसपास के कई दर्जन गांवों का पानी एकत्र होता है। इसे बजेहरा झील के नाम से जाना जाता है। गत दिनों तहसील प्रशासन ने इस झील में मत्स्य पालन के लिए एक पट्टा कर दिया। पट्टेदारों ने झील के आसपास जेसीबी मशीन की मदद से भारी भरकम चैंड़ा व ऊंचा बंधा निर्माण कराना आरम्भ कर दिया। जैसे ही यह सूचना ग्रामीणों को मिली, ग्रामीण एकजुट हो कर मौके पर पहुंचे और बंधा बना रहे लोगों को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद भी जब बंधा निर्माण का कार्य न रूका तो मामले की सूचना मानपुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कार्य रूकवाया। अगले दिन ग्रामीणों की भीड़ एसडीएम बिसवां की अनुपस्थिति में तहसीलदार से मिली। तहसीलदार के रूख से असंतुष्ट ग्रामीण सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और डीएम की गैर मौजूदगी में एडीएम से मिले व उन्हें शिकायती पत्र दिया। प्रकरण पर एडीएम ने एसडीएम को मामले की जांच कर बंधा निर्माण रूकवाने व उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि इसके बाद भी उन्हें न्याय न मिला तो वह अब सीधे जिलाधिकारी से मिल कर उनसे न्याय की गुहार लगायेंगे। इस मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण व पीड़ित मौजूद थे।