पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर भाजपा वरिष्ठ नेता डॉ नीरज सिंह क्षत्रिय लोधी राजपूत सभा द्वारा बुद्धेश्वर चौराहा स्थित लोधी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहें और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
डॉ नीरज सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के वंचित, गरीब और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए जीवनभर कार्य किया। उनकी शिक्षाएं और आदर्श आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भारतीयता और भारत के मूल्यों पर गहन चिंतन के आधार पर एकात्म मानवदर्शन जैसा मूल्यवान वैचारिक दर्शन प्रतिपादित किया जो भारतीय राजनीति और समाज के लिए दिशा-निर्देशक सिद्ध हुआ। नीतियां व विचार चाहे वह स्वदेशी हो, आर्थिक क्षेत्र हो, कृषि, कुटीर उद्योगों का सशक्तीकरण हो, या विकेंद्रीकरण की अवधारणा हो, आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। एकात्म मानववाद वह समग्र दर्शन है, जिसका व्यावहारिक लक्ष्य अंत्योदय है वह मानते थे कि हमारी समस्त व्यवस्थाएं मानव-केंद्रित होनी चाहिए उनका आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक दर्शन भारतीयता के मूल्यों से प्रेरित था। आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए उन्होंने विदेशी सहायता पर निर्भरता को राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए हानिकारक माना उनका विश्वास था कि गांवों और किसानों की समृद्धि से ही देश का सर्वांगीण विकास संभव है। अंत्योदय की उनकी अवधारणा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास पर केंद्रित थी यह सुखद है कि दीनदयाल जी के विचारों को आदर्श मानने वाली पार्टी ने आज सत्ता में होते हुए उनके अंत्योदय और आत्मनिर्भर भारत के सिद्धांत को शासन की मुख्य धुरी बना लिया है पिछले एक दशक में आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भारत ने कई असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं रक्षा क्षेत्र में जो राष्ट्र कभी विदेशी शक्तियों पर आश्रित था, आज वह स्वदेशी युद्धपोत, तेजस जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और ब्रह्मोस जैसी मारक मिसाइलें बना रहा है डिजिटल क्रांति भी आत्मनिर्भर भारत की बड़ी सफलताओं में से एक है।
कार्यक्रम में जिला लोधी क्षत्रिय राजपूत सभा लखनऊ अध्यक्ष संजय कुमार वर्मा, संरक्षक रामकुमार वर्मा, अमर सिंह लोधी, महेंद्र राजपूत, दिनेश प्रताप सिंह, जगन्नाथ लोधी, ब्रह्मानंद लोधी, राम शंकर राजपूत, जिला महामंत्री भारत सिंह राजपूत, ब्रजलाल लोधी, संरक्षक राजेंद्र सिंह लोधी उर्फ राजू, अमर सिंह लोधी, राजेंद्र जी, कुमकुम राजपूत, राम प्रसाद वर्मा, किशन कुमार, रामस्वरूप वर्मा, जयपाल सिंह लोधी, ब्रह्मानंद लोधी, राजेंद्र सिंह लोधी प्रधान सहित बड़ी संख्या सामाजिक जन उपस्थित रहें।










