लखनऊ रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए उन्हें सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व से जोड़ने का संदेश दिया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि स्नातक स्तर पर अध्ययनरत 50 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी वितरित की जाएगी, जबकि 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें निर्णय प्रक्रिया और नेतृत्व में भी आगे लाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की बेटियों और महिलाओं को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ सकें।
महिला कार्यबल की भागीदारी 36 प्रतिशत पहुंची
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। सरकार इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक ले जाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित सेफ सिटी नेटवर्क, 1090, 112, महिला हेल्पडेस्क और महिला बीट सिस्टम के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है।
महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में बड़ा इजाफा
मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 45 हजार हो गई है। नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह संख्या करीब 50 हजार तक पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस बल में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला पीएसी की तीन बटालियन भी स्थापित की गई हैं।
12 जिलों में बन रहे अहिल्याबाई होल्कर छात्रावास
कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के 12 जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर छात्रावास बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक छात्रावास में 500 महिलाओं के निःशुल्क रहने की व्यवस्था होगी। सरकार का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसरों को बढ़ाना है।
आर्थिक गतिविधियों से जोड़ी जा रहीं महिलाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूह, बीसी सखी, नमो ड्रोन दीदी, एफपीओ, ओडीओपी और एमएसएमई जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि उत्पादन, उद्यमिता और आर्थिक निर्णयों में भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 8,000 न्याय पंचायतों में तैयार किए जाने वाले डिजिटल इंटरप्रेन्योर में आधी भागीदारी महिलाओं की होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को तकनीक और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिल सकेंगे।
रक्षाबंधन पर दो दिन महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए विशेष सुविधा की भी घोषणा की। 27 से 29 अगस्त तक महिलाओं और उनके एक सहकर्मी को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है। इसके अलावा 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा को भी महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं से अपील की कि वे रक्षाबंधन के अवसर पर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और पुलिसकर्मियों को रक्षासूत्र बांधकर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करें। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और समाज की रक्षा में योगदान देने वाले इन लोगों का सम्मान हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं को प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के लिए शिक्षा, सुरक्षा, गतिशीलता और आर्थिक आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। स्कूटी वितरण से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही बेटियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, वहीं वरिष्ठ महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा उन्हें सार्वजनिक परिवहन से बेहतर जुड़ाव प्रदान करेगी।
