ऑर्डर अवैध है FIR दर्ज नहीं करेंगे ASP अनुज चौधरी के खिलफ कोर्ट के आदेश पर संभल एसपी की दो टूक
संभल हिंसा के दौरान एक युवक की मौत के मामले में चंदौसी की CJM कोर्ट ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, तत्कालीन SHO अनुज तोमर और 10-12 अन्य पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. जिस पर संभल एसपी केके विश्नोई ने कहा कि आदेश अवैध है और मुकदमा दर्ज नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि इस मामले एक न्यायिक जांच पहले ही हो चुकी है. रिपोर्ट में पुलिस एक्शन को सही माना गया है. हम इस मामले में उचित फोरम पर अपील दाखिल करेंगे.
दरअसल, खग्गूसराय के अंजुमन मोहल्ले के निवासी शिकायतकर्ता यामीन ने आरोप लगाया है कि 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में उसेक 24 वर्षीय बेटा आलम को पुलिस की गोली लगी. यामीन ने कोर्ट को बताया कि उनका बेटा उस दिन फ़ूड आइटम बेचने के लिए घर से निकला था. उन्होंने बताया गोली लगने के बाद परिवार ने डर की वजह से पुलिस से संपर्क नहीं किया और चुपके से इलाज करवाया. यामीन ने 6 फरवरी 2025 को शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उस समय के सर्कल ऑफिसर (CO) अनुज चौधरी, कोतवाली के तत्कालीन SHO अनुज तोमर और 10-12 अन्य पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया. चंदौसी की CJM कोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को सुनवाई के बाद आदेश दिया कि इन सभी नामजद और अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए.
संभल एसपी ने आदेश को बताया अवैध
कोर्ट के इस आदेश के बाद सम्भल के एसपी केके बिश्नोई ने कहा कि यह आदेश अवैध है और वे FIR दर्ज नहीं करेंगे. उन्होंने बताया कि हिंसा की जांच पहले ही हो चुकी है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई सही पाई गई थी. पुलिस इस आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगी. बता दें कि अनुज चौधरी वर्तमान में ASP ग्रामीण के तौर पर फ़िरोजाबाद में पोस्टेड हैं. अनुज चौधरी एक फेमस स्टाइल पहलवान रहे हैं. उन्होंने 2004 एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और 2002 व 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीते थे. उन्हें अर्जुन अवॉर्ड भी मिला है. 2012 में स्पोर्ट्स कोटा से यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे.
अनुज चौधरी पिछले साल उस वक्त सुर्ख़ियों में आए जब होली के मौके पर पीच कमिटी की बैठक में उन्होंने कहा कि जुमा साल में 52 बार आता है और होली एक बार. अगर किसी को रंगों से दिक्कत है तो वो घर में ही रहे. अगर कोई बाहर निकलता है तो उसे बड़ी मानसिकता के साथ निकलना चाहिए कि त्योहार मिलजुलकर मनाया जाता है. इस बयान के वायरल होने के बाद अनुज चौधरी के खिलाफ जांच भी बैठी थी जिसमें उन्हें क्लीन चिट दे दिया गया.









