मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित बॉबी इंटरनेशनल स्कूल में एक 13 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर के स्केटर के साथ हुई घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह मेडल जीत चुका यह प्रतिभाशाली बच्चा एक दिन मोबाइल लेकर स्कूल पहुंच गया और क्लास में वीडियो बनाकर अपलोड कर दिया।स्कूल प्रशासन को उसकी गलती समझाकर सुधार का मौका देना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय प्रिंसिपल ने उसे स्कूल से निकालने और करियर बर्बाद करने की धमकियां दे दीं।भय और मानसिक दबाव में बच्चा चार मिनट में 52 बार ‘सॉरी’ बोलता रहा, लेकिन जब उसे लगा कि उसकी बात कोई नहीं सुन रहा, तो घबराकर तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी।गंभीर रूप से घायल छात्र के दोनों पैर टूट गए हैं और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट है। डॉक्टरों के अनुसार, संभव है कि वह अब दोबारा स्केटिंग न कर सके।यह घटना बताती है कि बच्चों से गलती हो सकती है, पर उन्हें समझाने और संभालने की जिम्मेदारी बड़ों की होती है — जो यहाँ पूरी तरह निभाई नहीं गई।









