लखनऊ प्रदेश में दो दिनों तक अलग-अलग हिस्सों में वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट और जनजीवन पर असर पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय प्रभाव से प्रदेश में 31 मार्च तक मौसम अस्थिर बना रहेगा।
30 मार्च को पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तेज हवाओं से कमजोर मकानों, पेड़ों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंच सकता है, जबकि वज्रपात की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। खराब मौसम में घर के अंदर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखें।
कृषि क्षेत्र पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि पकी फसलों की समय पर कटाई करें और खड़ी फसलों को सहारा दें।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस पूरे सिस्टम के चलते अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, एक अप्रैल से मौसम साफ होने के साथ तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे गर्मी दोबारा बढ़ेगी।

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