अवध लेडीज कलब लखनऊ की महिलाओ ने भजनो के कार्यक्रम का आयोजन किया
लखनऊ 8 जुलाई अवध लेडीज कलब लखनऊ की महिलाओ ने जुलाई माह मे आने वाली ने गुरू पूर्णिमा, और कबीर जयंती के अवसर पर भजनो के कार्यक्रम का आयोजन किया। ज्योति कौल ने कबीर के जीवन का संक्षिप्त परिचय दिया और गुरू का महत्व जीवन मे बताया। सचिव मनोरमा मिश्रा के संचालन मे
रेखा मित्तल ने जय गणेश देवा से प्रारंभ किया । कुमाऊ कोकिला विमल पंत की हारमोनियम पर थिरकती अंगुलियों पर रीता श्रीवास्तव ने क्यो पानी मे मल मल नहाये मन की मैल उतारो प्राणी, निर्गुण गाया । भुलले शाह का प्रसिद्ध गीत पदमा गिडवानी ने दमा दम मस्त कलनदर पर सबको नचा दिया। आशा रावत की ढोलक की थाप पर सरिता अग्रवाल ने श्याम नही आये घिर आयी बदरिया ,
इंदु सारस्वत ने बाबुल मोरा नैहर छूटो जाय।
,बीना सक्सेना ने नही रहना देश विराना, अपर्णा सिंह जब राम बसे मन मे ,रागिनी अग्रवाल ने गुरूदेव तुम्हारे चरणो मे , पूनम अग्रवाल ने भेजा मन मतवाला जरूरत कैसे माला ,चित्रा श्रीवास्तव ने मोहे लागी लगन गुरू चरणो की, किरन दलाल ने कौन ठगना नगरिया, देवेशवरी पवार ने भजन बिना बीते ना उमरिया। प्रतिमा बाजपेई ने कबीर की प्रसिद्ध साखियो को गाया , ज्योति किरन रतन, मेघा कौल , सुरभि दुआ, रीता खन्ना अमिता शुक्ला, बबिता साहू ,रीता सिंह ने एक के बाद एक निर्गुण भजनो पर झूमते हुए नृत्य किया । कलब की आगामी पत्रिका के लिए लेख का आह्वान किया गया।













