लखनऊ 30 जून साहित्य साधक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान लखनऊ राष्ट्रीय इकाई की जून माह की काव्य गोष्ठी पंचमुखी हनुमान मंदिर ट्रस्ट बीरबल साहनी मार्ग पुराना हैदराबाद लखनऊ में सम्पन्न हुई। संस्थापक आर पी शर्मा ने बताया की मंदिर ट्रस्ट के द्वारा समय समय पर सुन्दरकाण्ड, भजन संध्या जैसे आयोजन होते रहते जिसमे जो साहित्य की सेवा कर रहे साहित्य साधक है उनके स्वरचित गीतो ,कविताओ के आयोजन भी मंदिर परिसर मे होते है। इसी श्रृंखला मे जून माह के अंतिम दिन स्वरचित काव्य समारोह का आयोजन किया गया पत्रकार ज्योति किरन रतन के सहयोग से साहित्य साधक सामाजिक साहित्यिक संस्था ने स्वरचित काव्यात्मक संध्या को सजाया।
डाॅ हिमांशु सक्सेना अर्श लखनवी के सहयोग से
काव्यगोष्ठी में शाहजहांपुर के कवि विजय तन्हा को “कैलाश कल्पित साहित्य साधक अर्श सम्मान-2026 से” एवं समाजसेवी एवं पत्रकार श्रीमती ज्योति किरन को “कुसुम अंसल साहित्य साधक अर्श सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। “डाॅ० अजय प्रसून की अध्यक्षता एवं संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ० हिमांशु सक्सेना अर्श लखनवी के साथ संस्था के सह-संस्थापक अरविन्द रस्तोगी धवल, महासचिव मनमोहन बाराकोटी तमाचा लखनवी, साहित्यिक सचिव राजीव वर्मा वत्सल की उपस्थिति में संस्था के अन्य पदाधिकारियों सहित माॅं वीणा पाणी को पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कवि राजीव वर्मा वत्सल द्वारा माॅं वीणापाणी का वंदन किया वही मनमोहन बाराकोटी ने राष्ट्र वन्दन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन करते हुए कवयित्री भारती पायल द्वारा क्रमानुसार कवियो / कवयित्रियो को काव्य कवि के आमंत्रितिया गया ( सुरेश चन्द्र गुप्त “श्याम”, अखिल कुमार श्रीवास्तव “व्यथित”, अनुराग अग्रवाल, कुलदीप शुक्ला “जोश लखनवी”, राजीव वर्मा “वत्सल”, शरद मिश्र “सिंधु”, रामराज भारती, अरविंद रस्तोगी “धवल” मनमोहन बाराकोटी “तमाचा लखनवी” ) सहित कवयित्री ( अनुजा बाजपेई “अनु”, मनोरमा श्रीवास्तव, पूजा अग्रवाल, ज्योति किरन “रतन”, डा० तारिका सिंह “नूर”, डा० अलका अस्थाना “अमृतमयी”, डा० स्वाति पाण्डेय “प्रीत”, भारती पायल, शरद सिंह) सहित लगभग ३५ से अधिक काव्य विभूतियों ने सुमधुर कविताओं की प्रस्तुति दी। उक्त कार्यक्रम में लगभग ३० श्रोताओं की भी उपस्थिति रही जिनकी की तालियों गड़गड़ाहट ने कवियों के जोश को कई गुना कर दिया। आप सबके उपरांत कैलाश कल्पित सम्मान से सम्मानित विजय तन्हा ने शिवा पर रचित गीत “मैं बालक अज्ञान हूॅं बाबा रखना मेरा ध्यान” पढ़ कर सभी का मन जीत लिया। तदोपरांत संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ० हिमांशु सक्सेना “अर्श लखनवी” ने “दुर्गा काली खप्पर वाली दें दर्शन एक बार। पाप कांट के कष्ट काट के कर सबका उद्धार।” सुमधुर जगदम्बे का गीत प्रस्तुत कर मंदिर के माहोल को और भी मनोरम बनाते हुए श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। आपके बाद कार्यक्रम अध्यक्ष डा० अजय प्रसून ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए सभी कवियों के काव्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए सुमधुर अनागत गीत पढ़ा। कार्यक्रम के अंत में कवि शरद सिंह सिंधु ने संस्था की ओर से सभी का आभार व्यक्त किया।

