टीएमसी सांसद सयोनी घोष एक इंटरव्यू में कह रही थी,हम रैलियों में जय श्रीराम नहीं बोलते, यह धार्मिक नारा है, टीएमसी के वह दिन नहीं आए के राम के नाम पर चुनाव लड़ना पड़े।लेकिन रैलियों में वह मदीना और काबा से जुड़ा गाना जरूर सुनाती थी। ये भी धार्मिक ही है।जनता कई बार बारीकी पकड़ती है। समझती है कि आप क्या बोल रहे, कहां खड़े हैं। शायद यही वजह है कि जिन जिन जगहों पर सयोनी घोष ने चुनावी सभा की, और ये गाना गाया, वहां सब जगह टीएमसी कैंडिडेट हार गए
