उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी अब व्यक्तिगत हमलों तक पहुँचती दिखाई दे रही है, जो राजनीति के गिरते हुए स्तर को दर्शाती है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary पर किया गया निजी हमला समाजवादी पार्टी की घटिया सोच, हताशा और राजनीतिक दिवालियापन को उजागर करता है। लोकतंत्र में वैचारिक विरोध का सम्मान किया जाता है, लेकिन इस प्रकार के निजी हमले किसी भी सभ्य राजनीतिक परंपरा में स्वीकार्य नहीं हो सकते।
जिस प्रकार समाजवादी पार्टी का राजनीतिक स्तर लगातार गिरता जा रहा है, उसी प्रकार सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने विरोध की मर्यादा और भाषा का स्तर भी बेहद नीचे कर दिया है। राजनीतिक रूप से बैकफुट पर पहुंच चुकी सपा संवाद, संयम और विचारों की शक्ति पर विश्वास करने के बजाय हिंसा, अराजकता और व्यक्तिगत हमलों की राजनीति पर उतर आई है।
जनता भी इस तरह के व्यक्तिगत हमलों और नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करती।
