इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि “गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा” जैसे नारे की तुलना “नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर”, “जय श्री राम” या “हर हर महादेव” जैसे धार्मिक नारों से नहीं की जा सकती।
कोर्ट के मुताबिक ये नारे जहां धार्मिक आस्था और सम्मान व्यक्त करते हैं, वहीं “सर तन से जुदा” का नारा कानून और देश की संप्रभुता व अखंडता के लिए चुनौती माना जा सकता है।
25 सितंबर 2025 को बरेली में “आई लव मोहम्मद” विवाद के बाद हिंसा हुई थी। 26 सितंबर से तौकीर रजा जेल में हैं।
