लखनऊ – भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तर प्रदेश की 8 राज्यसभा सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए अपने अधिकृत उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है।
इन सभी 8 प्रत्याशियों का प्रामाणिक राजनीतिक परिचय निम्नलिखित है
- धर्मपाल सिंह, प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री है और बरेली की आंवला सीट से विधायक हैं, दो बार से मंत्री हैं।
- राधाकांत ओझा , इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, प्रयागराज (इलाहाबाद) के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं।
यह दो बार इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने जा चुके हैं “
- प्रकाश पाल प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा ओबीसी (OBC) मोर्चा, उत्तर प्रदेश कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत कर रहे हैं।
- विद्या सागर सोनकर पूर्व उपनेता (विधान परिषद), पूर्व सांसद व पूर्व एमएलसी मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले हैं और भाजपा के कद्दावर दलित चेहरों में गिने जाते हैं। वे जौनपुर (मछलीशहर) से लोकसभा सांसद और उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के सदस्य के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश महामंत्री भी रहे हैं।
- गोपी कृष्ण पाण्डेय वरिष्ठ संगठनकर्ता एवं पार्टी पदाधिकारी भाजपा के वरिष्ठ और समर्पित नेता हैं, जो लंबे समय से जमीनी स्तर पर पार्टी के संगठनात्मक कार्यों और अभियानों का संचालन करते आ रहे हैं।
- प्रियंका सिंह रावत पूर्व लोकसभा सांसद (बाराबंकी) उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रमुख महिला चेहरा हैं। वे बाराबंकी निर्वाचन क्षेत्र से 16वीं लोकसभा की सांसद रह चुकी हैं और राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
- राम प्रताप सिंह चौहान प्रदेश महामंत्री, भाजपा उत्तर प्रदेश व पूर्व विधायक आगरा की एत्मादपुर विधानसभा सीट से वर्ष 2017 से 2022 तक भाजपा के विधायक रहे हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री और पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं।
- श्रुति गंगवार चेयरपर्सन (अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, बरेली) एवं सामाजिक कार्यकर्ता ये IIT पासआउट हैं। ये वरिष्ठ भाजपा नेता और वर्तमान झारखंड/आंध्र प्रदेश के राज्यपाल संतोष गंगवार की पुत्री हैं। बरेली-बहेड़ी क्षेत्र में सामाजिक व राजनीतिक रूप से अत्यधिक सक्रिय हैं।
राज्यसभा के लिए यूपी ने दिल्ली को 25 नाम भेजे थे। दिल्ली ने इसमें से 24 नाम काट दिए। सिर्फ एक को ही चुना। प्रियंका रावत। बाक़ी के 7 नाम दिल्ली ने अपने हिसाब से तय किए।
